तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे भाषा के विशेषज्ञ पढ़कर कहें कि ये कलम का छोटा सिपाही ऐसा है तो भीष्म साहनी, प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', हरिवंश राय बच्चन, फणीश्वर नाथ रेणु आदि कैसे रहे होंगे... गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.

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गर्मियों में "राज" अमृत बन जाता है पुदीना

Summer becomes nectar peppermint
बदहज़मी, दिल और दिमाग को ठंडा करने, चटनी और शरबत के स्वाद का क्या कहने... 


हमारे देश में अमृतमय खाद्य पदार्थों की कमी नहीं है, भारत की धरती माता हमें समय समय पर ऐसे फल और सब्जियां देती रहती है जो हमारे शरीर के लिए अमृत का काम करते हैं, अगर हम इन चीजों को नियमित इस्तेमाल करें तो हमारे शरीर से हजारों बीमारियाँ तो ख़त्म हो ही सकती हैं, बीमारियों से भी बचा जा सकता है, पुदीना भी एक ऐसा ही खाद्य पदार्थ है जिसे गर्मियों में नियमित इस्तेमाल किये जाने से शरीर को अनेकों लाभ होते हैं।

क्या है पुदीना यानी पिपरमिंट खाने से लाभ

1. याददास्त में लाभ

अगर आप बमुश्किल किसी चीज को याद रख पाते हैं, तो पुदीने की चाय पीजिए, क्योंकि एक शोध में पता चला है कि पुदीने की चाय स्वस्थ वयस्कों की याददाश्त लंबी अवधि के लिए सुधार सकती है। इस शोध के लिए अध्ययनकर्ताओं ने 180 प्रतिभागियों को पुदीने की चाय, कैमोमिल (बबूने का फूल) की चाय और गर्म पानी का सेवन कराया था।

शोध के परिणामों से पता चला कि है कि कैमोमिल और गर्म पानी का सेवन करने वालों की तुलना में जिन प्रतिभागियों ने पुदीने की चाय का सेवन किया था, उनकी दीर्घकालिक स्मरणशक्ति और सतर्कता में महत्वपूर्ण सुधार देखे गए।

वहीं कैमोमिल चाय का सेवन करने वाले प्रतिभागियों में पुदीने की चाय और गर्म पानी का सेवन करने वाले प्रतिभागियों की तुलना में स्मृति और एकाग्रता की क्षमता में कमी महसूस की गई।

इस शोध को हाल ही में नॉटिंघम में आयोजित साइकोलॉजिकल सोसाइटी के वार्षिक सम्मेलन में पेश किया गया था।

2. पेट और गैस की बीमारियों में लाभ

पेट और गैस से सम्बंधित बीमारियों में पुदीना रामबाण का काम करता है। इसकी चटनी और शरबत पीने से पेट में ठंढक पहुँचती है और लीवर में इकठ्ठा जहरीला पदार्थ बाहर आ जाता है, इसको नियमित खाते रहने से पाचन शक्ति बढ़िया हो जाती है। पुदीने के तेल की पेट पर मालिश करने से भी गैस और पेट दर्द में आराम मिलता है।

3. माँ को लाभ

बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं की छाती में दर्द होने पर भी पुदीने का तेल फायदेमंद होता है।

4. सांस की बीमारियों में लाभ

नियमित रूप से पुदीना खाने वालों को सांस की ‘घरघराहट और सरसराहट’ जैसे बामारियों से फायदा मिलता है। पुदीने के तेल की छाती पर मालिस करने से छाती का दर्द भी सही होता है। आयुर्वेदिक सीरप में पुदीने का जमकर इस्तेमाल किया जाता है। अस्थमा में भी लाभ मिलता है।

5. सिरदर्द 

पुदीने का तेल लगाने से सिरदर्द में तुरंत लाभ मिलता है, आयुर्वेदिक तेलों में इसका बहुत इस्तेमाल किया जाता है। इसका तेल बालों और शरीर की त्वचा के लिए बहुत बढ़िया होता है।

6. खून में वृद्धि

नियमित रूप से पुदीना खाने से शरीर का हीमोग्लोबिन बढ़ने लगता है, वैसे भी हरी साग सब्जियां खून बढाने में रामबाण का काम करती हैं।
इसके अलावा भी पुदीने के हजारों लाभ हैं इसलिए बिना सोचे समझे गर्मियों में जमकर पुदीना खाइए और शरीर की कई बीमारियों को दूर भगाइए।

जानिए पुदीने के 10 लाजवाब गुणों के बारे में-

  1. – पुदीने में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है और मैगनीशियम हड्डियों को ताकत देता है। उल्टी होने पर आधा कप पोदीना हर दो घंटे में रोगी को पिलाएं। उल्टी आना बंद हो जाएगी।
  2. – पुदीने की पत्तियों का ताजा रस नींबू और शहद के साथ समान मात्रा में लेने से पेट की सभी बीमारियों में आराम मिलता है।
  3. – पुदीने का रस काली मिर्च व काले नमक के साथ चाय की तरह उबालकर पीने से जुकाम, खांसी व बुखार में राहत मिलती है।
  4. – पुदीने की पत्तियां चबाने या उनका रस निचोड़कर पीने से हिचकियां बंद हो जाती हैं। सिरदर्द में पत्तियों का लेप माथे पर लगाने से आराम मिलता है।
  5. – माहवारी समय पर न आने पर पुदीने की सूखी पत्तियों के चूर्ण को शहद के साथ समान मात्रा में मिलाकर दिन में दो-तीन बार नियमित रूप से लें।
  6. – पुदीने का रस किसी घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं। यह चर्म रोगों को भी समाप्त करता है। चर्म रोग होने पर पुदीना के पत्तों का लेप लगाने से आराम मिलता है।
  7. – पुदीने की पत्तियों को सुखाकर बनाए गए पाउडर को मंजन की तरह प्रयोग करने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है और मसूड़े मजबूत होते हैं।
  8. – पुदीने के रस को नमक के पानी के साथ मिलाकर कुल्ला करने से गले का भारीपन दूर होता है और आवाज साफ होती है।
  9. – अधिक गर्मी में जी मिचलाए तो एक चम्मच सूखे पुदीने की पत्तियों का चूर्ण और आधी छोटी इलायची के चूर्ण को एक गिलास पानी में उबालकर पीने से लाभ होता है। हैजा होने पोदीना, प्याज का रस और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।
  10. – अगर आपकी त्वचा ऑयली है, तो पुदीने का फेशियल आपके लिए सही रहेगा। इसको बनाने के लिए दो बड़े चम्मच ताजा पीसे पुदीने के साथ दो बड़े चम्मच दही और एक बड़ा चम्मच ओटमील लेकर गाढ़ा घोल बनाएं। इसे चेहरे पर दस मिनट तक लगाएं और चेहरे को धो लें। इसके रस को चेहरे पर लगाने से कील और मुंहासे दूर होता है। पोदीने के रस को मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर चेहरे पर लेप करने से चेहरे की झांइयां समाप्त हो जाती हैं और चेहरे की चमक बढ जाती है। शराब में पुदीने की पत्तियों को पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे के दाग, धब्बे, झांई मिट जाते हैं।

निरोगी काया और सुखी परिवार के लिए राजेश इसे जरूर अपनाएं

जीवनोपयोगी बातें 
This Vital Things take in life RAJ 


1. सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए
राज - हल्का गर्म

2. पानी पीने का क्या तरीका होता है
राज - सिप सिप करके व नीचे बैठ कर


3. खाना कितनी बार चबाना चाहिए
राज - 32 बार

4. पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए
राज - सुबह


5. सुबह का नाश्ता कब तक खा लेना चाहिए
राज - सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक

6. सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए
राज - जूस

7. दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए
राज - लस्सी / छाछ

8. रात को खाने के साथ क्या पीना चाहिए
राजेश मिश्रा - दूध
9. खट्टे फल किस समय नही खाने चाहिए
राजेश मिश्रा - रात को

10. लस्सी खाने के साथ कब पीनी चाहिए

राजेश मिश्रा. - दोपहर को

11. खाने के साथ जूस कब लिया जा सकता है
राजेश मिश्रा - सुबह

12. खाने के साथ दूध कब ले सकते है
राजेश मिश्रा. - रात को

13. आईसक्रीम कब कहानी चाहिए
राजेश मिश्रा - कभी नही

14. फ्रिज़ से निकाली हुई चीज कितनी देर बाद खानी चाहिए
राजेश मिश्रा. - 1 घण्टे बाद

15.  क्या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए
राजेश मिश्रा - नहीं

16. बना हुआ खाना कितनी देर बाद तक खा  लेना चाहिए
राजेश मिश्रा. - 40 मिनट

17. रात को कितना खाना खाना चाहिए
राजेश मिश्रा - न के बराबर

18. रात का खाना किस समय कर लेना चाहिए
राजेश मिश्रा. - सूरज छिपने से पहले

19. पानी खाना खाने से कितने समय पहले पी सकते हैं

राजेश मिश्रा. - 48 मिनट

20. क्या रात को लस्सी पी सकते हैं
राजेश मिश्रा - नही

21. सुबह खाने के बाद क्या करना चाहिए
राजेश मिश्रा - ज्यादा मेहनत वाली काम

22. दोपहर को खाना खाने के बाद क्या करना  चाहिए
राजेश मिश्रा. - आराम

23. रात को खाना खाने के बाद क्या करना चाहिए
राजेश मिश्रा - 500 कदम चलना चाहिए

24. खाना खाने के बाद हमेशा क्या करना चाहिए
राजेश मिश्रा - वज्र आसन

25. खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर करना चाहिए.
राजेश मिश्रा - 5 -10 मिनट

26. सुबह उठ कर आखों मे क्या डालना चाहिए
राजेश मिश्रा - मुंह की लार

27. रात को किस समय तक सो जाना चाहिए
राजेश मिश्रा - 9 - 10 बजे तक

28. तीन जहर के नाम बताओ
राजेश मिश्रा- चीनी , मैदा , सफेद नमक

29. दोपहर को सब्जी मे क्या डाल कर खाना चाहिए
राजेश मिश्रा - अजवायन

30. क्या रात को सलाद खानी चाहिए

राजेश मिश्रा - नहीं

31. खाना हमेशा कैसे खाना चाहिए
राजेश मिश्रा - नीचे बैठकर व खूब चबाकर

32. क्या विदेशी समान खरीदना चाहिए
राजेश मिश्रा - कभी नही

33. चाय कब पीनी चाहिए
राजेश मिश्रा - कभी नहीं

33. दूध मे क्या डाल कर पीना चाहिए
राजेश मिश्रा - हल्दी

34. दूध में हल्दी डालकर क्यों पीनी चाहिए
राजेश मिश्रा - कैंसर ना हो इसलिए

35. कौन सी चिकित्सा पद्धति ठीक है
राजेश मिश्रा. - आयुर्वेद

36. सोने के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए
राजेश मिश्रा - अक्टूबर से मार्च (सर्दियों मे)

37. ताम्बे के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए
राजेश मिश्रा - जून से सितम्बर(वर्षा ऋतु)

38. मिट्टी के घड़े का पानी कब पीना चाहिए
राजेश मिश्रा - मार्च से जून (गर्मियों में)

39. सुबह का पानी कितना पीना चाहिए
राजेश मिश्रा. - कम से कम 2 - 3 गिलास

40. सुबह कब उठना चाहिए
राजेश मिश्रा - सूरज निकलने से डेढ़ घण्टा पहले

(राजेश मिश्रा द्वारा निरोगधाम पत्रिका से संकलित)

निरोगी काया और सुखी परिवार के लिए इसे जरूर अपनाएं... राजेश मिश्रा 

किस अंग का फड़कना शुभ और किसका अशुभ

आपके अंगों का फड़कना क्या कहता है

ग्रन्थों के अनुसार स्त्री का दायां अंग और पुरूष का बायें अंग का फड़कना अशुभ माना जाता है.....राज

भविष्य के बारे में क्या कहता है शरीर के अंगों का फड़कना । घटनाओं के प्रति हमारा शरीर पहले ही आशंका व्यक्त कर देता है। ऐसे देखा जाए तो मनुष्य का शरीर काफी संवेदनशील होता है लेकिन शरीर के विभिन्न अंगों का फड़कना भी भविष्य में होने वाली घटनाओं से हमें अवगत कराने का एक जरिया है।

भारत में बहुत सी मान्यताओं का चलन है। किसी मान्यता को हम मानते है और किसी को नही। ऐसे ही हमारें शरीर के अंगों का फड़कनें के एक महत्व है जिसे अधिकतर लोग मानते है। हमारा शरीर बहुत ही संवेदनशील होता है। इसी कारण हमारा शरीर भविष्य में होने वाली घटनाओं के पहले से ही आशंका व्यक्त कर देता है। भविष्य की घटनाओं से अवगत करानें के लिए हमारें शरीर के विभिन्न अंग फड़कनें लगते है। अंगों का फड़कना ही हमें शुभ और अशुभ बातों के बारें में बताता है।
हमारें शरीर के पर अंग के फड़कनें के कोई न कोई महत्व होता है। माना जाता है कि पुरुष औऱ महिलाओं के अंग फड़कनें का मतलब अलग-अलग होता है। जानिए अगों के फड़कनें के मतलब।
  1. आंखों के फड़कने पर माना जाता है कि अगर महिलाओं की दाहिनी आंख फड़कने से शुभ समाचार मिलता है वहीं पुरूषों की बाई आंख का फड़कना अच्छा होता है। महिलाओं की बाई आंख फडकने का मतलब है कि उसके या परिवार में किसी को कोई बीमारी हो सकती है।
  2. बाई आंख का ऊपरी फलक फडके तो आपकी अपने दुश्मन से और अधिक दुश्मनी हो सकती है। नीचे का फलक फडकता है तो किसी से बेवजह बहस हो सकती है और आपको अपमानित होना पड सकता है।
  3. बाई आंख की नाक की ओर का कोना फडकता है जिसका फल शुभ होता है। पुत्र प्राप्ति की सूचना मिल सकती है या फिर किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है।
  4. दोनों आंखे एक साथ फडकती हो तो चाहे वह स्त्री की हो या पुरुष की उनका फल एक जैसा ही होता है। किसी बिछुडे हुए अच्छे मित्र से मुलाकात हो सकती है।
  5. दांई आंख पीछे की ओर फडकती है तो इसका फल अशुभ होता है। बाई आंख ऊपर की और फडकती हो तो इसका फल शुभ होता है। महिला की बाई आंख फडकती हो तो शुभ फल होता है।
  6. यदि दोनों गाल फड़के तो आफको अतुल धन की प्राप्ति होती है। अगर होंठ फडफ़ड़ाएं तो किसी हितैषी का आगमन होता है। मुंह का फड़कना पुत्र की ओर से शुभ समाचार का सूचक होता है। यदि लगातार दाहिनी पलक फडफड़ाए तो शारीरिक कष्ट हो सकता है।
  7. अगर दाई हाथ की हथेली फड़क रही तो आपको पैसा औऱ मान-सम्मान मिलता है वही बाई हथेली हो तो पैसे का निकसान हो सकता है।
  8. होंठों का फडकना किसी प्यारी चीज से मिलनें का संकेत माना जाता है। यदि होठों के ऊपरी हिस्सा फड़क रहा है तो आपके शत्रुओं का नाश होता है । होठों के निचलें भाग का फड़कना किसी प्यारें दोस्त से मुलाकात हो सकती है।
  9. अगर आपका दायां घुटना फड़के तो आपको सोने की प्राप्ति हो सकती है। दाए घुटने के निटले हिस्से के फड़कने से शत्रु पर जीत होती है। वहीं बाएं घुटने के निचले हिस्से के फडकने से अपना रुका हुआ काम पूर होगा।

  10. अगर आपका दायां कंधा फड़क रहा है तो आपको बिछड़ा हुआ भाई मिल सकता है और यदि बायां कंधा फड़के तो रक्त विकार या वात संबधी बीमारी हो सकती है। यदि दोनो कंधे फड़क रहे हो तो किसी से आपका झगड़ा हो सकता है।
  11. अगर आपकी मूछों मे फडकन हो रही है तो यह आपके लिए शुभ संकेत है, इससे समृद्धि आती है। वहीं अगर आपकी मूंछ का केवल बायां हिस्सा फड़क रहा है तो किसी के साथ बहस होने की संभावना रहती है।
  12. अगर आपकी दाहिनी कनपटी फड़के तो आप जिस काम के लिए जा रहे है उसमें आपको सफलता मिलेगी वहीं बांई कनपटी के फड़कने पर मनचाही वस्तु मिल सकती है।
  13. यदि आपका दाहिना कान फड़के तो आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है और वही बायां कान फडके तो प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात हो सकती है।
  14. अगर आपका पूरा सिर फडक रहा है तो यह सबसे अधिक शुभ स्थिति है आपको दूसरे का धन मिल सकता है, मुकद्दमे में जीत हो सकती है, राजसम्मान मिल सकता है या फिर भूमि की प्राप्ति हो सकती है।
  15. यदि आपकी दाहिनी आंख व भौंह फड़के तो आपकी सभी मनोकामना पूरी होगी। बांई आंख व भौंह फड़के तो शुभ समाचार मिलता है। दाई आंख ऊपर की ओर के फलक में फडकती है तो आपको पैसा और कीर्ति मिलेगी या नौकरी में पदोन्नति हो सकती है लेकिन नीचे का फलक फडके है तो यह कुछ अशुभ होने की संभवना व्यक्त करता है।
  16. अगर आपके पैर के तालू में फडकन है तो यह आर्थिक लाभ का शुभ संकेत है। दायां तालू फडके तो यह बीमारी की सूचना दे रहा है। बाए तालू का फडकना हो तो आप किसी अपराध के चलते जेल जा सकते है।

  17. अगर आपका हृदय फड़के तो आपको इष्टसिद्धि दिलाती है।
  18. अगर आपकी पीठ फड़के तो किसी विपदा में फंसने की संभावना रहती है। दाहिनी ओर की बगल फड़के तो नेत्रों का रोग हो जाता है। पसलियां फड़के तो विपदा आती है। छाती में फडफ़ड़ाहट मित्र से मिलने का सूचक होती है। ह्रदय का ऊपरी भाग फड़के तो झगड़ा होने की संभावना होती है। नितंबों के फड़कने पर प्रसिद्धि व सुख मिलता है।
  19. अगर आपके पेट में फडकन है तो यह अन्न की समृद्धि की सूचना देता है। यदि पेट का दांया हिस्सा फडक रहा है तो घर में धन दौलत की वृद्धि होगी सुख और खुशहाली बढ़ती है।
  20. अगर आपके पेट का बांया हिस्सा फडकता है तो धन समृद्धि धीमी गति से बढ़ती है वैसे यह शुभ नहीं है।
  21. अगर पेट का ऊपरी भाग फडकता है तो यह अशुभ होता है। लेकिन पेट के नीचे का भाग फडकता है तो स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति होती है।
  22. यदि पीठ दाई ओर से फडक रही है तो धन धान्य की वृद्धि हो सकती है लेकिन पीठ के बाए भाग का फडकना ठीक नहीं होता है। असके फडकनें से मुकद्दमे में हार या किसी से झगडा हो सकता है।
  23. अगर बाई पीठ में फडकन धीमी हो तो परिवार में कन्या का जन्म होना संभव है और फडकन तेज हो तो समय से पहले ही प्रसव हो सकता है।
  24. अगर पीठ का ऊपरी हिस्सा फडक रहा हो तो धन की प्राप्ति होती है और पीठ का निचला हिस्सा फडकता है तो बहुत से मनुष्यों की प्रशंसा मिलने की संभावना रहती है।

चुनिंदा चुटकुले

हंसने से स्वास्थ ठीक रहता है
Chutkule, Hasgulle, Jokes..



हंसने से स्वास्थ ठीक रहता है... जब आप हँसते हैं तो आपके जबड़े, पेट, आँख, कान और मस्तिष्क का व्यायाम हो जाता है... आइये आज आपके लिए राजेश मिश्रा कुछ चुनिंदा चुटकुले लाये हैं...

सुन्दर सी लड़की: डॉ साब चेकप करवाना है।
डॉ: कपडे उतार के परदे पीछे लेट जाइये।
लड़की: मेरा नहीं मेरी माँ का।
डॉ: अच्छा माताजी जीभ दिखाइये।

संता: कौन सी जाति के लोग अच्छे नागरिक होते हैं?
बंता: बनिए
संता: वो कैसे?
बंता: हर जगह लिखा होता है, देश के अच्छे
नागरिक बनिए! देशभक्त बनिए

पति: उस्मान भाई होगा?
पत्नी: आपको कैसे पता?
पति: वो भंगार का व्यापारी है

पत्नी: काफी दिनों से फ़ोन रिचार्ज करने के लिए पैसे नहीं मांगे
संता ने भागते हुए बस पकड़ी और पुछा: बस क्या तेरी माँ बहिन या बीवी लगती है?
ड्राईवर: नहीं
संता: तो साले पकड़ने क्यों नहीं देता?
पति: शादी से पहले मुझे स्वादिष्ट खाना बनाके खिलाती थी, अब क्यों नही
बीवी: बकरे को काटने से पहले खिलाके मोटा किया जाता है, काटने के बाद नही

नए सर ने क्लास में पूछा: एक महान वैज्ञानिक का नाम बताओ?
लड़का: आलिया भट्ट
सर: यह सीखे हो?
दूसरा: तोतला है सर, आर्यभट्ट बोल रहा है।

एक पागल भैंस के ऊपर बैठकर घूम रहा था
दूसरा: तुझे पुलिस पकड़ेगी
पहला: क्यों?
दूसरा: अबे हेल्मेट नहीं पहना
पहला: अबे नीचे देख, four व्हीलर है

उधर एक शारापोवा हैं जो सचिन को जानती तक नहीं हैं, और इधर हम भारतीयों का टैलेंट ऐसा है कि 1000 टांगो में से बता दें कि शारापोवा की कौन सी है।
पत्नी: 58 साल की हूँ लेकिन फिर भी आपका दोस्त मेरी तारीफ़ करता है
पत्नी: लगता है हमारी बेटी का चक्कर लड़के से है! पति: वो कैसे?

राजेश मिश्रा की पसंदीदा कुछ क्षणिकाएँ..

ना ज़ाने "राज" कौनसी रात "आख़री" होगीना जाने कौनसी "मुलाक़ात" "आख़री होगी


दो अक्षर की "मौत"
और
तीन अक्षर के "जीवन" में ढाई अक्षर
का "दोस्त" 
हमेंशा बाज़ी मार जाता हैं..


क्या खुब लिखा है किसी ने ...

"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... !
जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !!

वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... !
जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... !
न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !!

गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... !
मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !!

जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने
वालों ... !
याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !!

कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... !
और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !!

क्या करामात है 'कुदरत' की, ... !
'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के
दिखाता है ... !!

'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत
"खूबसूरत" होगी, ... !
"कम्बख़त" जो भी 'उस' से मिलता है,
"जीना छोड़ देता है" ... !!

'ग़ज़ब' की 'एकता' देखी "लोगों की ज़माने
में" ... !
'ज़िन्दों' को "गिराने में" और 'मुर्दों' को "उठाने
में" ... !!

'ज़िन्दगी' में ना ज़ाने कौनसी बात "आख़री"
होगी, ... !
ना ज़ाने कौनसी रात "आख़री" होगी ।

मिलते, जुलते, बातें करते रहो यार एक दूसरे से ना जाने कौनसी "मुलाक़ात" "आख़री होगी`॥ 
पत्थर तब तक सलामत है जब तक वो पर्वत से जुड़ा है .
पत्ता तब तक सलामत
है जब तक वो पेड़ से जुड़ा है . इंसान तब तक सलामत है
जब तक वो परिवार से
जुड़ा है . क्योंकि परिवार से अलग होकर
ज़ादी तो मिल जाती है लेकिन संस्कार चले
जाते हैं ..
एक कब्र पर लिखा था...
"किस को क्या इलज़ाम दूं दोस्तो..., जिन्दगी में सताने
वाले भी अपने थे, और दफनाने वाले
भी अपने थे..

विनाश अनन्त है विकास सीमित है भूख अनन्त है
भोजन सीमित है इच्छाए अनन्त है वस्तुए सीमित है 
घाव अनन्त है मरहम सीमित है परेशानिया अनन्त है आराम सीमित है 
भ्रष्टाचार अनन्त है ईमानदारी सीमित है ब्रह्माण्ड अनन्त है आवास सीमित है मृत्यु अनन्त है 
जीवन सीमित है ज्ञान अनन्त है व्यवहार सीमित है |
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