LATEST:


Monday, December 05, 2011

FURSAT KE PAL: हाय रे महंगाई

FURSAT KE PAL: हाय रे महंगाई: हाय रे महंगाई ने, कैसी मार लगायी करें भी तो क्या कोई चारा नहीं है, कपड़े जो पहने थे सब उतर गए, कीमतों की बढ़त से पांव ज़मीन से फिसल गए! ख...

0 टिप्पणियाँ: