तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे भाषा के विशेषज्ञ पढ़कर कहें कि ये कलम का छोटा सिपाही ऐसा है तो भीष्म साहनी, प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', हरिवंश राय बच्चन, फणीश्वर नाथ रेणु आदि कैसे रहे होंगे... गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.

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वर्ल्ड कप हमारा है, बधाई इंडिया : सचिन

टीम इंडिया के कंधों पर सचिन
Kumar Sangakkara watches as MS Dhoni and Yuvraj Singh join in an embrace mid-pitch
मुंबई।। भारत ने 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास दोहरा दिया है। गंभीर और धोनी की शानदार पारियों की बदौलत टीम इंडिया ने श्रीलंका के 275 रनों के टारगेट के 4 विकेट के नुकसान पर ही हासिल कर लिया। टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 274 रन बनाए थे।

जीत के लिए 275 रन का टारगेट का पीछा करने उतरी भारत की पारी शुरुआत वीरू और सचिन ने की। मलिंगा ने ओवर की पहली ही गेंद से भारतीय खेमे में सनसनी फैला दी। गेंद सहवाग के पैड में लगी और वह बिना खाता खोले एलबीडब्ल्यू होकर पविलियन लौट गए। भारत का स्कोर शून्य पर 1 विकेट। 

इसके बाद गंभीर मैदान पर आए। सचिन और गंभीर ने भारत की पारी को संभाला। सभी को सचिन से एक लंबी पारी की उम्मीद थी। सचिन लय में नजर भी आ रहे थे , लेकिन मलिंगा की एक गेंद पर वह अपना बल्ला अड़ा बैठे। वह 18 रन बनाकर पविलयन लौट रहे थे और पूरा स्टेडियम सन्न था। भारत अब बैकफुट पर आ चुका था। अपने दो धुरंधर बल्लेबाजों को जल्दी-जल्दी खो चुकी टीम इंडिया गहरी मुश्किल में थी।

ऐसे वक्त में गंभीर और कोहली ने संभलकर बैटिंग करते हुए भारत का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। गंभीर ने अपनी फिफ्टी पूरी की। कोहली भी एक बड़ी पारी की तरफ बढ़ते दिख रहे थे ,लेकिन मैच में फिर ट्विटस्ट आया। दिलशान में विराट को 35 रन पर आउट कर दिया। 114 रन पर तीन विकेट। 

धोनी ने ऐसे वक्त में नया दांव चला। वह युवराज के बदले खुद मैदान पर आए। धोनी और गंभीर धीरे-धीरे श्रीलंकाई बोलरों पर हावी होते चले गए। धोनी ने और गंभीर ने भारत का स्कोर 200 के पार पहुंचा। इसके बाद धोनी ने अपनी फिफ्टी भी पूरी की। भारत को यहां से जीत की खुशबू आने लगी थी।

दूसरे छोर पर गंभीर अपने शतक की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन 97 रन पर गंभीर परेरा की एक धीमी गेंद को समझ नहीं पाए और बोल्ड हो गए। इसके बाद युवी और धोनी ने श्रीलंकाई बोलरों को हावी नहीं होने दिया और दोनों ने टीम को जीत दिलाकर ही दम लिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने पूर्व कप्तान महेला जयवर्द्धने ने ( नाबाद 103) के शानदारसेंचुरी की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 274 रन बनाए। हालांकि श्रीलंका के विस्फोटक बल्लेबाज उपल तरंगा आज कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए।

जयवर्द्धने ने 88 गेंदों पर 13 चौकों की मदद से 103 रन बनाए। इसके अलावा कप्तान कुमार संगकारा ने 48 औरतिलकरत्ने दिलशान ने 33 रनों का योगदान दिया। कुलासेकरा ने 30 गेदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 32 रनबनाए जबकि परेरा नौ गेंदों पर तीन चौकों और जहीर खान की अंतिम गेंद पर लगाए गए छक्के की मदद से 16 रन जोड़े।श्रीलंका ने अंतिम बैटिंग पावरप्ले में एक विकेट खोकर 63 रन जोड़े।

भारत की ओर से जहीर खान और युवराज सिंह ने दो - दो विकेट लिए। जहीर ने 21 विकेटों के साथ पाकिस्तान के शाहिदअफरीदी की बराबरी कर ली है। हरभजन सिंह को भी एक सफलता मिली। कुलासेकरा रन आउट हुए।

3 टिप्‍पणियां:

चैतन्य शर्मा ने कहा…
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चैतन्य शर्मा ने कहा…

आपको भी बहुत बहुत बधाई.....सच में वर्ल्ड कप अब हमारा है....

RAJ ने कहा…

bahut-bahut dhanyabad chaitnya ji.