तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे भाषा के विशेषज्ञ पढ़कर कहें कि ये कलम का छोटा सिपाही ऐसा है तो भीष्म साहनी, प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', हरिवंश राय बच्चन, फणीश्वर नाथ रेणु आदि कैसे रहे होंगे... गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.

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How many holes in the corrupt government bail

अब तक का सबसे भ्रष्ट सरकार की डूबती नैया में कितने छेद हुए हैं...



कुछ दिन तक तो मैंने अपने को समझाते रहा अब सब ठीक हो जायेगा... इसके बाद परिवार को समझाते रहा... कुछ दिन और इसके बाद महगाई से निजत मिल जाएगी... पैसे बढ़ जायेंगे तो सब ठीक हो जायेगा... पर अब किसको समझाएं... और किससे पूछें की महंगाई कम होने के बजाये... आये दिन एक न एक घोटाले उजागर हो रहे हैं... अब अपने से सवाल करता हूँ.. क्या नेता लोग घोटाले के लिए ही चुनाव लड़ते है... क्या ये इनका जन्मसिद्ध अधिकार बन गया है.... पहले मैं बिहार के लालू को ही घोटाले का मुखिया मानता था पर जैसे घोटाले उजागर हो रहे हैं उससे तो येही लगता है... इस मामले में लालू सिर्फ लालू ही रह गए केंद्र में जो है वो सब इनके सरदार हैं.... एक चीज़ का उजागर यहाँ करना चाहता हूँ... मुझे इन्टरनेट और कम्पूटर पर महारत हासिल है... पर आज भी मेरे गाँव भेल्दी (जिला-छपरा) में आज भी बिजली नहीं है....आइये अब केंद्र की डूबती नैया में  कितने और किस प्रकार के छेद बने हैं उसका विवरण दे रहा हूँ... निचे...


अभी तक के इतिहास की सबसे भ्रष्ट पार्टी कांग्रेस की सरगना और सबसे ज्याद निकृष्ट और नीच चोर औरत है सोनिया और उसकी तलवा चाटू टीम - दिग्विजय, चिदंबरम, मनमोहन, प्रणव मुखर्जी, सिब्बल जिनसे आज तक मीडिया ने ये सवाल नहीं पूछे और पूछेंगे भी क्यूं .....पूरी की...मत मिलती है हमारी भ्रष्ट मीडिया को कुछ न पूछने और दिखने की.

इस झूठ और लूट में सब जिम्मेदार हैं और पिसती है जनता जिसके दम पर लोकतंत्र चल रहा है..

1. 2009 में कांग्रेस में चुनाव से पहले जनता से वादा किया था विदेशो में जमा ब्लैकमनि और भ्रष्ट चार पर कानून लायेंगे. उसका क्या हुआ? क्यों रामदेव जब अनशन पर बैठे, तब सोनिया गधी चुप चाप सरकारी खर्चे पर स्वित्ज़रलैंड  गयी? कस्टम्स में फिनान्सिअल Advisor दिखाया गया. ये 5वां पास औरत और उसका नालायक और गधा बेटा, किस दृष्टि से फिनान्सिअल एडवाइजर  हैं ?

2. पहले कपिल सिब्बल ने कहा कोई भी नुकसान २ जी घोटाले में नहीं हुआ है, फिर अहलुवालिया ने कहा की हा वास्तव में कोई घोटाला नहीं हुआ है, फिर मनमोहन ने कहा इसकी जाँच चल रही है. ये तो शुरू से ही टालने में लगे हुए हैं. अरे भैया सबको हिस्सा मिला है.राजा जैसा घटिया आदमी जिसकी १० पैसे की औकात नहीं है वह अपनी पत्नी के नाम 3000 करोड़ रुपया मारीशाश में जमा कर दे. सोचो इन चोरो की टीम सोनिया ने कितना जमा होगा.

3. महा घोटाला देवास- इसरो डील का जिसमे की 205000 करोड़ की बैंड विड्थ को मात्र 1200 करोड़ के 10 साल के उधार के पैसे में दे दिया गया? भला हो सुब्रमनियम स्वामी जी का जिन्हें इनको नंगा कर दिया.

4. कामनवेल्थ खेल का 90000 करोड़ का घोटाला.

5. कोयला का घोटाला जिसमे ठेकेदारों द्वारा 10 पैसे प्रति किलो के भाव से कोयला खरीदा जाता है और उसे बाजार में 4 रुपये किलो तक बेचा जाता है, यह रकम अब तक 30 लाख करोड़ होती है.
7. इटली के 8 बैंक और स्वीटजरलैंड के 4 बैंको को 2005 में भारत में चुपके से खोला गया. इनकी जरुरत क्यों आ पड़ी भारत में जब की भारत के ही बैंकरों की बैंक खोलने की अर्जियाँ सरकार के पास धूल खा रही है, इन बैंको आवश्यकता क्यों है जब भारत में 80% लोग 20 रूपया प्रतिदिन से भी कम कमाते है.

8. 2005 में, कत्रोची के बेटे को अंदमान दीप समूह में तेल की खुदाई का ठेका क्यों और किसने दिया?

9. सरकार ने पहले कहा की बाबा बकवास कर रहे है, काला धन नाम की कोई चीज नहीं है, फिर खबर आयी की काला धन है और सबसे ज्यादा भारतीयों का है, यह स्विस बैंकों के आलावा 70 और दुसरे देसों में जमा है.

10. यूरिया घोटाला - यूरिया किसान को दुगुने दाम बेचा जाता है. करोड़ो का हेर-फेर करते हैं.

11. हमारे देश में क्यों अनुसन्धान के लिए पर्याप्त पैसा नहीं दिया जाता है, यह कांग्रेस की चाल है, जिसकी वजह से हम 5-10 गुना दाम में विदेशी चीजे खरीदते है.

12.ऐसे कौन से कारण है जिनके कारण हम नेहरू के द्वारा ट्रांसफर अफ पॉवर अग्रीमेंट 14 अगस्त 1947 को दस्तखत करने के बाद भी आज तक विकसित नहीं बन पाए, जब की हमारी जनता हफ्ते में 90 घंटा काम करती है जबकि अंग्रेज हफ्ते में सिर्फ 30 घंटा काम करते है.

13. क्या कारण है की हमारे 45 रुपये में 1 डालर और 70 रुपये में 1 पौंड मिलाता है, जब की 1947 में 1 रुपये में 1 डॉलर मिलता था.

14. क्या कारण है की हमारे देश में एक भी सोलर ऊर्जा वैज्ञानिक नहीं है और दुनिया भर के परमाणु वैज्ञानिक है जो हमें हमेशा झूठा अश्वाव्हन देते है की यह परमाणु बिजली सस्ती और निरापद है भारत की परमाणु से सम्बंधित कुल बाजार 750 लाख करोड़ का होगा. जब की हम भारत में 400000 मेगावाट सोलर बिजली बनाते है, १७ १७.

हम अभी तक सुरक्षित अन्ना भण्डारण की व्यवस्था क्यों नहीं बना पाए जब की हमारे पास धन की कमी ही नहीं है, क्योकि अन्न को सडा दिखाकर उसे कौड़ियो के भाव शराब माफिया को बचा जाता है जब की गरीब अन्न बिना मर रहा है,शरद पवार ने अरबो रुपये बना लिए फिर भी मंत्री बने बैठे हैं.

15. मीडिया को निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है, सभी भारतीयों को पता चल गया है की मिडिया, टीवी और पत्रिकाए सरकार को बिक चुकी है, बड़े शर्म की बात है, शाम को सिर्फ 4 रोटी खाने के लिए भारत माता से गद्दारी क्यों?

16. अगर देश में 2 लाख करोड़ रुपये की नकदी सर्कुलेशन में है तो देश की अर्थव्यवस्था करीब 100 लाख करोड़ रुपयों की होती है और हमारे देश में रिजर्व बैंक अबतक लगभग 18 लाख करोड़ रुपयों के नोट छाप चुका है और कम से कम 10 लाख करोड़ रुपये सर्कुलेशन में है. इस हिसाब से देश की अर्थव्यवस्था करीब 400 से 500 लाख करोड़ रुपये होनी चाहिए लेकिन अभी हमारी अर्थव्यवस्था केवल 60 लाख करोड़ की है. जबकि इतनी अर्थव्यवस्था के लिए दो लाख करोड़ से भी कम सर्कुलेशन मनी की जरूरत है!

17. अगर 400 लाख करोड़ रूपये का काला धन देश में वापिस आ जाता है तो देश की अर्थव्यवस्था करीब 20,000 लाख करोड़ रुपये होगी ... क्या आप जानते हैं कि इस समय अमेरिका सबसे शक्तिशाली देश है और उसकी अर्थव्यवस्था करीब 650 लाख करोड़ की है. मतलब 400 लाख करोड़ रुपये वापिस मिलने पर हम अमरीका से भी 30 गुना ज्यादा शक्तिशाली बनते है. दोस्तों, रामदेव और डॉ. स्वामी की टीम निरक्षरों की नहीं बल्कि बहुत पढ़ी लिखी, ज्ञानी, दानी, समर्पित, इमानदार और राष्ट्रप्रेमी टीम है, इसमे ज्यादातर इंजिनियर और आई टी के लोग जुड़े है, इनमे कई लोग ऐसे भी हैं जो करोड़ों रुपयों की नौकरी और कारोबार छोड़कर केवल देश के लिए स्वामी जी के साथ जुड़े हैं.

CHHAPRA KHANUA NALA KA NAKKARA

छपरा की बदहाली के लिए
जिम्मेदार कौन?



प्रमंडलीय मुख्यालय छपरा शहर की जल निकासी की लाइफ लाइन के नाम से मशहूर खनुआ नाला नकारा बनकर रह गया है. नगर परिषद की कारगुज़ारी से टोडरमल के ज़माने से निर्मित 18 फीट चौड़ा व 40 फीट गहरे नाले के ऊपर दुकानों का निर्माण करा दिया गया. इससे बरसात के दिनों में जल निकासी का कोई दूसरा उपाय नहीं बचा है और थोड़ी सी बरसात से सड़कों से लेकर हर गली-मोहल्ले में जल जमाव की स्थिति व्याप्त हो जाती है. सन 1918 में निर्मित खनुआ नाले की पूर्ववत स्थिति यह रही है कि इस नाले से होकर समूचे शहर की जल निकासी आसानी से हो जाती थी. शहर के नाले से निकलने वाले गंदे जल से इसके उत्तरी छोर के खेतों की सिंचाई व्यवस्था भी होती थी. इसका निर्माण योजनाबद्ध तरीक़े से इस तरह किया गया था कि शहर के दक्षिणी छोर पर स्थित घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि हो जाने पर रूपगंज व साहेबगंज में बने किवाड़ को खोलकर शहर की जल निकासी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था भी समुचित ढंग से पूर्ण हो जाती थी. मगर कालांतर में यह व्यवस्था सरकार की ग़लत नीतियों के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है. वर्तमान हालात यह है कि इस नाले के ऊपर नगर परिषद के कर्ता-धर्ताओं ने दुकान बनाकर पूरी तरह ढक दिया है तथा उक्त दुकानों की अच्छी क़ीमत वसूलकर नगरपालिका के माध्यम से व्यवसायियों को सेटलमेंट करा दिया गया. इस दरम्यान शहर की आबादी में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खनुआ नाले की चौड़ाई बढ़ने के बजाय इस पर एक स्ट्रक्चर 7 फीट चौड़ा और 8 फीट गहराई का बना दिया गया. बताते हैं कि उक्त नाले की भूमि गैर मजरूआ आम कैसरे हिंद के तौर पर खतियान में दर्ज है, जिसका सेटलमेंट करने का अधिकार निजी उपयोग के लिए किसी भी व्यक्ति को नहीं है. इसका मालिकाना हक़ राष्ट्रपति को है, लेकिन भू-मा़फिया से साठगांठ कर बंदोबस्ती दुकान के नाम पर शहर के कुछ चुनिंदा व्यक्तियों ने इसे अपने नाम करा लिया है. इसके कारण पुराने नाले की बग़ल में रहने वाले शहरवासियों के अपने घरों तक आने-जाने में भी भयावह परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अब जबकि शहर की जल निकासी के लिए ज़िला प्रशासन अपने स्तर से खनुआ नाले की स़फाई के लिए कार्य योजना बनाकर अमल करने की तैयारी करता है, तो शहर के भू-माफिया में हड़कंप की स्थिति पैदा हो जाती है. इस मामले में दो बार उच्च न्यायालय का दरवाज़ा भी खटखटाया जा चुका है, जिसके आलोक में न्यायालय ने ज़िला प्रशासन को इस मामले में यथोचित कार्रवाई करने का आदेश भी पारित किया है. यह कहना अप्रासंगिक नहीं होगा कि नगरपालिका अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बहुत सारे नाले की ज़मीन पर अपना क़ब्जा जमा चुकी है, जिसके कारण शहर की जल निकासी पूर्णरूपेण बाधित है और बरसात के दिनों में शहर की हालत जल जमाव के कारण बदतर हो जाती है. थोड़ी सी बरसात के कारण शहर के प्रभुनाथ नगर, दहियावां टोला साधनापुरी, शाक्तिनगर, भगवान बाज़ार, करीम चक, गुदरी व काशी बाज़ार आदि मोहल्लों में नाले का पानी सड़क पर बहने लगता है, जिसके चलते सड़क पर गंदे पानी व कीचड़ की सड़ांध आमजन को परेशानी में डाल देती है. शहर की जल निकासी व सा़फ-स़फाई की पूर्ण जवाबदेही स्थानीय शासन के अंतर्गत नगरपालिका के ज़िम्मे आती है.

कल्पना से राजेश मिश्रा की भेंटवार्ता

मशहूर गायिका कल्पना को "जगकल्याण" पत्रिका भेंट करते हुए
पत्रिका के समाचार संपादक राजेश मिश्रा. 
भोजपुरी की मशहूर गायिका..."कल्पना" के साथ हुई राजेश मिश्रा की भेंटवार्ता के प्रमुख अंश जल्द यहाँ प्रकाशित होनेवाली है....