तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे भाषा के विशेषज्ञ पढ़कर कहें कि ये कलम का छोटा सिपाही ऐसा है तो भीष्म साहनी, प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', हरिवंश राय बच्चन, फणीश्वर नाथ रेणु आदि कैसे रहे होंगे... गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.

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लौट रही है महंगाई..

महंगाई घेरने के लिए वापस आ पहुंची है। जनवरी से मार्च के बीच महंगाई में जो नरमी नजर आई थी, वह अब गरमी में बदल रही है। आम बजट की कृपा, खादों के बढ़े दाम और ईंधन के महंगा होने के साथ ही लगभग सभी उत्पादों में महंगाई के जोर पकड़ने की आशंका है।
खाद्य, उद्योग और ईंधन समेत सभी वर्ग में तेजी के आसार बनने लगे हैं। यही वजह है कि आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की दुश्वारियां और बढ़ेंगी।

खाद्य वस्तुएं
-खाद्य वस्तुएं महंगाई लौटने की बड़ी वजह बनी हैं। खाद्य तेल उफान पर हैं। आयातित खाद्य तेल में छह से आठ रुपए प्रति किलो की तेजी आ चुकी है। पाम ऑयल व सोयाबीन तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। तेल की घरेलू मांग का आधा हिस्सा आयात से पूरा होता है।
दूध में जल्दी ही उबाल आने वाला है। अमूल पहले ही दूध के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाने की बात कह चुकी है। हरी सब्जियों के साथ राष्ट्रीय राजधानी में टमाटर 40 रुपये प्रति किलो के ऊंचे स्तर को छूने लगा है। आलू और प्याज की बंपर फसल के बावजूद दाम नीचे नहीं आ रहे हैं। पिछले एक महीने में बासमती चावल के दाम प्रति किलो आठ रुपये तक तेज हो चुके हैं।

गैर खाद्य वस्तुएं
-बजट प्रस्तावों का असर महंगाई पर पहले ही सप्ताह में दिखने लगा है। खाद, कीटनाशक और हाइब्रिड बीजों पर मिलने वाली सब्सिडी में कटौती करने से इनके मूल्य बढ़ गए हैं। इसकी वजह से खेती की लागत बढ़ेगी जो खाद्य वस्तुओं को और महंगा कर देगी। स्टील, तांबा और अल्युमिनियम जैसे आधार मेटल की तेजी का रुख है।
उद्योगों के लिए कच्चा माल महंगा होने से ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एसी, टीवी और फ्रिज जैसी उपभोक्ता वस्तुओं के दाम कंपनियां बढ़ाने लगी हैं। गरीबों की सस्ती सवारी साइकिल की कीमत भी डेढ़ सौ रुपये तक बढ़ गई है।
तांबा, पीतल और अल्युमिनियम के भाव बढ़ने से इलेक्ट्रिकल वस्तुओं का महंगा होना तय है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर मार्च में लगातार तीसरे महीने गिरावट में रहा। बिजली की कटौती और क्षमता की अड़चनों के चलते उत्पादन घटा, वहीं नए आर्डर भी कम मिले। गैर-ब्रांडेड स्वर्ण आभूषण भी उत्पाद शुल्क के दायरे में आने से आम उपभोक्ता की पहुंच से और दूर हो जाएंगे।
ईंधन उत्पाद
-डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस में मूल्य वृद्धि के प्रस्ताव के अमल में आने के साथ ही महंगाई की रफ्तार कई गुना बढ़ सकती है। सड़क और रेलवे परिवहन महंगा हो जाएगा। खाद्य वस्तुओं के साथ औद्योगिक कच्चे माल की ढुलाई लागत में वृद्धि होना तय है, जो महंगाई को तेज करेगा।
रेलवे किराया बढ़ने से लोगों का घूमना फिरना और रसोई गैस के महंगा होने से रसोई की लागत बढ़ जाएगी।

टैक्स की मार
-आम बजट में उत्पाद शुल्क और सेवाकर की दरों में वृद्धि से सभी सेवाएं महंगी हो गई हैं। सेवा कर के दायरे में विस्तार से अब लगभग सभी सेवाओं पर कर देना होगा। इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है।

As of 80 trillion ...

80 लाख करोड़ का सवाल है ...


इसे इतना फॉरवर्ड करो की हर भारतीय पढ़े ...



SWIS BANK
भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"* ये कहना है स्विस बैंक के डाइरेक्टर का. स्विस बैंक के डाइरेक्टर ने यह भी कहा है कि भारत का लगभग 280 लाख करोड़ रुपये उनके स्विस बैंक में जमा है. ये रकम इतनी है कि भारत का आने वाले 30 सालों का बजट बिना टैक्स के बनाया जा सकता है. या यूँ कहें कि 60 करोड़ रोजगार के अवसर दिए जा सकते है. या यूँ भी कह सकते है. कि भारत के किसी भी गाँव से दिल्ली तक 4 लेन रोड बनाया जा सकता है. ऐसा भी कह सकते है कि 500 से ज्यादा सामाजिक प्रोजेक्ट पूर्ण किये जा सकते है. ये रकम इतनी ज्यादा है कि अगर हर भारतीय को 2000 रुपये हर महीने भी दिए जाये तो 60 साल तक ख़त्म ना हो. यानी भारत को किसी वर्ल्ड बैंक से लोन लेने कि कोई जरुरत नहीं है. जरा सोचिये ... हमारे भ्रष्ट राजनेताओं और नोकरशाहों ने कैसे देश को लूटा है और ये लूट का सिलसिला अभी तक 2011 तक जारी है. इस सिलसिले को अब रोकना बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है. अंग्रेजो ने हमारे भारत पर करीब 200 सालो तक राज करके करीब 1 लाख करोड़ रुपये लूटा. मगर आजादी के केवल 64 सालों में हमारे भ्रस्टाचार ने 280 लाख करोड़ लूटा है. एक तरफ 200 साल में 1 लाख करोड़ है और दूसरी तरफ केवल 64 सालों में 280 लाख करोड़ है. यानि हर साल लगभग 4.37 लाख करोड़, या हर महीने करीब 36 हजार करोड़ भारतीय मुद्रा स्विस बैंक में इन भ्रष्ट लोगों द्वारा जमा करवाई गई है. भारत को किसी वर्ल्ड बैंक के लोन की कोई दरकार नहीं है. सोचो की कितना पैसा हमारे भ्रष्ट राजनेताओं और उच्च अधिकारीयों ने ब्लाक करके रखा हुआ है. हमे भ्रस्ट राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारीयों के खिलाफ जाने का पूर्ण अधिकार है. हाल ही में हुवे घोटालों का आप सभी को पता ही है - CWG घोटाला, २ जी स्पेक्ट्रुम घोटाला , आदर्श होउसिंग घोटाला ... और ना जाने कौन कौन से घोटाले अभी उजागर होने वाले है ........आप लोग जोक्स फॉरवर्ड करते ही हो. इसे भी इतना फॉरवर्ड करो की पूरा भारत इसे पढ़े ...

WHAT IS THIS : SHARM AATI HAI... YAHAN KI GOVT. PAR

  

 
VERY POOR : THIS IS INDIA MERI JAAN

Diesel prices hiked by Rs 3, kerosene and LPG to cost more


डीजल 3 रुपए महंगा, रसोई गैस 50 रुपए

BABA RAMDEV KA ANSHAN FIR SHURU

पतंजलि योगपीठ में अनशन पर बैठे बाबा रामदेव
RAJESH MISHRA, KOLKATA
'THE WAKE' (News Editor)
नई दिल्ली से जबरन रूखसत किए गए बाबा रामदेव ने यहा अपने आश्रम में अपना अनशन फिर से शुरू कर दिया है और उनका कहना है कि जब तक भ्रष्टाचार खत्म करने और काले धन को वापस लाने की उनकी माग केंद्र सरकार नहीं मान लेती, तब तक उनका 'सत्याग्रह' जारी रहेगा।
पतंजलि योगपीठ सूत्रों ने आज यहा बताया कि बाबा रामदेव अपने समर्थकों और अनुयायियों के साथ कल देर रात योगपीठ की यज्ञशाला में सत्याग्रह पर बैठे।
योग गुरु बाबा रामदेव प्रकरण ने रविवार को कई करवटें बदलीं। बाबा को दिल्ली से विशेष विमान के जरिए देहरादून ले जाकर छोड़ा जाना। वहां से हरिद्वार कूच। हरिद्वार से नोएडा के लिए रवानगी और उत्तार प्रदेश की सीमा में प्रवेश पर पाबंदी। मुजफ्फरनगर के पुरकाजी से वापसी। अंतत: बाबा रामदेव रात नौ बजे हरिद्वार स्थित अपने पतंजलि योगपीठ में ही अनशन पर बैठ गए। पुलिस कार्रवाई के विरोध में योग पीठ ट्रस्ट ने सोमवार शाम तक काला दिवस मनाने का एलान किया है।

  • तो कांग्रेस-सोनिया जिम्मेदार
BABA RAMDEV
बाबा रामदेव सुबह करीब सवा ग्यारह बजे पतंजलि योगपीठ पहुंचे। बदहवासी जैसे हालात के बीच आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बाबा रामदेव ने सीधे सोनिया गांधी को अपने निशाने पर लिया। आरोप लगाया कि रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाने वाली सोनिया को भारत और भारतीयों से प्यार नहीं है। बाबा ने कहा कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है, अगर उन्हें कुछ होता है तो सोनिया गांधी और कांग्रेस इसके लिए सीधे जिम्मेदार होंगी। आरोप लगाया कि सोनिया के इशारे पर उनके एनकाउंटर की साजिश रची गई थी।

  • लोकतंत्र की हत्या
बाबा ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि सरकार इस तरह अत्याचार पर उतर सकती है। रात को पुलिस ने जिस तरह एक लाख निहत्थे लोगों पर हमला किया उसकी याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। रामदेव ने कहा कि रामलीला मैदान पर लोकतंत्र की हत्या की गई। इससे आपातकाल की याद ताजा हो गई। अगर वह समर्थकों को नहीं रोकते तो जलियांवाला बाग कांड केंद्र सरकार दोहरा देती।

  • जबरन लिखवाया पत्र
केंद्र सरकार को दिए पत्र पर सफाई देते हुए बाबा ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण पर दबाव डालकर जबरन यह पत्र लिखवाया गया। अगर बालकृष्ण यह पत्र नहीं देते, तो सरकार तीन जून को ही महिलाओं और बच्चों पर बर्बरतापूर्वक कार्रवाई कर देती। बाबा रामदेव ने दोहराया कि कालेधन, भ्रष्टाचार व लोकपाल पर केंद्र सरकार गंभीर नहीं है। केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से बाबा खासे नाराज हैं। उन्हें कुटिल व्यक्ति करार देते हुए बाबा ने कहा कि वह किसी से डरते नहीं है। मारीशस के रास्ते देश में लगे 50 लाख करोड़ रुपए भी कांग्रेस व उससे जुड़े दलों के लोगों के हैं। यही वजह है कि सरकार ने उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने की कोशिश की।

  • बैरंग लौटना पड़ा
करीब पौने सात घंटे की गहमागमी के बाद योग गुरु शाम छह बजे फिर से दिल्ली की तरफ निकल पड़े। तब बताया गया कि अब वह दिल्ली के आसपास के शहर से अपना आंदोलन चलाएंगे। बाबा हरिद्वार से निकल तो गए, पर उनके मंसूबों पर उत्तार प्रदेश सरकार ने पानी फेर दिया। उत्तार प्रदेश सीमा पर पुरकाजी के पास मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने उनके काफिले को रोक दिया। लिहाजा बाबा को वापस लौटना पड़ा।

  • अब तो हरिद्वार से ही आंदोलन
वापसी में वह कुछ देर के लिए मंगलौर के निकट भवानी शंकर आश्रम में रुके और फिर हरिद्वार के लिए चले। रात नौ बजकर पांच मिनट पर पतंजलि योग पीठ पहुंच कर उन्होंने वहीं अनशन शुरू कर दिया। देर रात अनशन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाबा ने अपनी योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनका नोएडा से आंदोलन चलाने का इरादा था, लेकिन उन्हें मुजफ्फरनगर प्रशासन ने जाने से रोक दिया। इसके चलते फिलहाल हरिद्वार से ही आंदोलन चलाने का निर्णय किया गया है। क्रमबद्ध ढंग से योगपीठ की यज्ञशाला में अनशन किया जाएगा। बाबा ने कहा कि इस मुद्दे पर वह मायावती से भी बात करेंगे। कांग्रेस सरकार की दमनात्मक कार्रवाई के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर बाबा ने आरोप लगाया कि सत्ता में शीर्ष पर बैठे लोग अपने दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं कर रहे हैं।

  • रामदेव से मिलने पहुंचे एनडी तिवारी
-वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नारायण दत्ता तिवारी पार्टी लाइन से इतर रविवार को बाबा रामदेव के साथ खड़े नजर आए। वह बाबा से मिलने देर शाम पतंजलि योगपीठ पहुंचे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खात्मे और कालेधन की वापसी की बाबा की मांग ठीक है और वह उनके साथ हैं।
रविवार को एनडी तिवारी के बाबा रामदेव से मिलने पतंजलि योगपीठ आने की चर्चा जोरों पर रही, लेकिन दोपहर तक वह नहीं आए। शाम को जब बाबा पतंजलि से दिल्ली के रास्ते पर चले और मीडिया वहां से हट गया तो तिवारी पतंजलि योगपीठ पहुंच गए और बाबा के सहयोगियों से मुलाकात की। इस बीच बाबा रामदेव के उत्तार प्रदेश सीमा पर रोके जाने के बाद वापस पतंजलि आने की खबर आई। मीडिया के लोग फिर पतंजलि योगपीठ पहुंचे। बाबा तब तक नहीं पहुंचे थे, लेकिन वहां से निकलते हुए एनडी तिवारी उन्हें मिल गए। उनसे जब वहां आने का प्रायोजन पूछा गया तो उन्होंने बाबा रामदेव से मिलने आने की बात कही। उनसे जब यह सवाल किया गया कि वह पार्टी लाइन से इतर बाबा के साथ हैं, तो उनका जवाब था कि कांग्रेस बाबा का विरोध नहीं कर रही है। वह कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव के आंदोलन को ठीक मानते हैं और इस मुद्दे पर उनके साथ हैं।

  • भगदड़ में जा सकती थी सैकड़ों की जान
-रामलीला मैदान में पुलिस शनिवार की आधी रात के बाद उस समय पंडाल में पहुंची जब बाबा समेत उनके सभी समर्थक व मीडियाकर्मी गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक हजारों पुलिसकर्मियों की एक साथ कार्रवाई से पंडाल में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी इधर-उधर भागने लगे। शुक्र है कि किसी की जान नहीं गई, नहीं तो जिस तरह कार्रवाई की गई, उससे भगदड़ में सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी।
पुलिस से सबसे बड़ी चूक यह हुई कि उसने पंडाल में बने तीन आपातकालीन गेट नहीं खोले। हमदर्द चौराहे की तरफ वाले केवल एक गेट को ही खुला रहने दिया गया। पुलिस कार्रवाई के समय पंडाल में 60 हजार लोग थे। भगदड़ मची तो सभी एक-दूसरे को धक्का देते, गिरते-पड़ते भागने लगे। जो गिर गया, कुचला गया। पुलिस के डंडे व कुचले जाने से सैकड़ों लोग बेहोश हो गए। जब भीड़ कम हुई तब पुलिस ने कुछ लोगों को वहां से उठाकर पास के अस्पताल में पहुंचाया और कुछ को वहीं छोड़ दिया। पंडाल में हर तरफ चप्पल, जूते व सामान बिखरे पड़े थे। नजारा साफ बयां कर रहा था कि कानून के रखवालों ने ही कानून की किस कदर धज्जियां उड़ाई हैं। कानून के जानकारों का कहना है कि आसू गैस के गोले खाली मैदान व सड़कों पर छोड़े जाते हैं, चहारदीवारी के बीच बंद पंडाल में इस तरह की कार्रवाई गलत है।

  • भड़क सकती थी आंसू गैस के गोले से लगी आग
-रामलीला मैदान के बंद पंडाल में शनिवार रात आंसू गैस के गोले छोड़ने से पंडाल में आग लग गई थी। यह आग भड़क भी सकती थी। आसू गैस व खुद को हजारों पुलिसकर्मियों से घिरा देख लोग डर गए। लोगों को डर था कि पुलिस उन पर गोली न चला दे। पंडाल में डर व दम घुटने के कारण सैकड़ों लोग बेहोश हो गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का भी यही मानना है। सवाल यह है कि आग अगर पूरे पंडाल में फैल जाती तब क्या होता। तब इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार होता? इन सवालों पर कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

BABA RAMDEV KA DELHI PRAVESH PAR ROK

baba-ramdev.jpg
बाबा रामदेव को पुलिस से बचाने के लिए समर्थकों
ने उन्हें  चारों तरफ से घेर लिया।
RAJESH MISHRA, KOLKATA
बाबा रामदेव के दिल्ली घुसने पर रोक
रामलीला ग्राउंड में करप्शन और ब्लैक मनी के मुद्दे पर अनशन पर बैठे बाबा रामदेव के आंदोलन को दिल्ली पुलिस ने शनिवार देर रात डंडे के जोर पर खत्म करवा दिया। करीब दो घंटे तक पुलिस और बाबा के समर्थकों में जबर्दस्त झड़प हुई। आखिर में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर समर्थकों को तितर-बितर किया और बाबा रामदेव को अपने साथ ले गई। करीब 10 बजे उन्हें चार्टर्ड प्लेन से देहरादून भेज गया और वहां से रोड के रास्ते वह हरिद्वार में अपने आश्रम पहुंच चुके हैं। कहा जा रहा है कि थोड़ी देर में वह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। 

दोपहर @12.30 बजे 
रामलीला मैदान में योग गुरु बाबा रामदेव की अगुवाई में हुएअनशन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों केखिलाफ दंगा फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। इसकेसाथ ही सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने बाबा रामदेव केदिल्ली घुसने पर कम से कम 15 दिनों की रोक लगा दी है। 

सूत्रों ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दंगा फैलाने ,सरकारी अधिकारियों को दायित्व निर्वाह करने से रोकने औरसार्वजनिक संपत्ति नष्ट करने के आरोप में कमला मार्केट पुलिसथाने में मामला दर्ज किया गया है। 
सुबह @10.30 बजे 
बाबा रामदेव नई दिल्ली से एक चार्टर्ड विमान से देहरादून सेकरीब 30 किलोमीटर दूर जॉली ग्रान्ट हवाईअड्डे पर पहुंचे औरवहां सेसीधे हरिद्वार में पातंजलि यो गपीठ रवाना हो गए।देहरादून के एसएसपी जी एस मारतोलिया ने बताया कि बाबा को कड़ी सुरक्षा के घेरे में ले लिया गया और उन्हें फिररोड के रास्ते हरिद्वार भेजा गया। उन्होंने बताया कि बाबा रामदेव की विशेष सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून ग्रामीण केएसपी गिरीशचंद ध्यानी को उनके साथ भेजा गया है ताकि उनकी सुरक्षा को कोई खतरा न हो सके। 

एयरपोर्ट पर उतरने के बाद बाबा रामदेव ने वहां मौजूद मीडिया कर्मियों से कोई बात नहीं की। उन्होंने केवल हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया और उन्हें पुलिस सुरक्षा घेरे में सीधे हरिद्वार ले जाया गया। 

रामलीला मैदान से दिल्ली पुलिस बाबा रामदेव को जबरन उठाकर ले गई थी और करीब घंटे से उनके बारे में कुछ पतानहीं चल पा रहा था। सुबह 10 बजे दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा कि बाबा को विमान से देहरादून भेजागया है। 
सुबह 15 बजे 
बाबा रामदेव के प्रमुख सहयोगी तिजरावाला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बाबा का अपहरण कर लिया है और उनकी जान को खतरा है। तिजरावाला ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से दखल करने की अपील की। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में धारा 144 लगा दी, जिसके तहत लोगों के इकट्ठे होने पर पाबंदी है। 

सुबह 00 बजे 
दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्होंने बाबा को 15 मिनट तक हिरासत में रखने के बाद तुरंत छोड़ दिया था और उन्हें नहीं पता है कि इस वक्त बाबा रामदेव कहां हैं। बाबा की सुरक्षा के सवाल पर पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने कहा कि बाबा के पास पहले से ही पुलिस सुरक्षा है। 

सुबह 30 बजे 
पतंजलि योग पीठ के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें नहीं पता है कि बाबा रामदेव इस वक्त कहां हैं और पुलिस उन्हें कहां ले गई है। अधिकारियों ने कहा कि उनका बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण से कोई संपर्क नहीं है। बाबा के गायब होने की खबर से आश्रम में भीड़ इकट्ठी होनी शुरू हो गई। 

सुबह 00 बजे 
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा, ‘ जब बाबा रामदेव अनशन स्थल छोड़ कर जा रहे थे, तब उन्हें हिरासत में ले लिया गया। ’ लेकिन इसके बाद गृह सचिव जीके पिल्लै ने कहा कि बाबा रामदेव को हिरासत में नहीं लिया गया है। मौके पर पहुंचे पुलिस कमिश्नर ने भी यही बात दोहराई। 

सुबह 45 बजे 
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में घायल 30 लोगों को लोकनायक जय प्रकाश नारायण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक कुछ घायलों को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। हालांकि कई घायल लोगों ने हॉस्पिटल जाने से इनकार करते हुए कहा, ‘ हमें मारा गया है। हम हॉस्पिटल नहीं जाएंगे। यह हमारा विरोध प्रदर्शन है। बाबा रामदेव के बारे में कुछ भी पता न चलने से प्रदर्शनकारी घबराए हुए हैं। 

रात 1.15 मिनट 
शनिवार देर रात करीब 1 बजे दिल्ली पुलिस के करीब 5000 जवानों और अफसरों ने अचानक रामदेव के योग कैंप की इजाजत रद्द कर पूरे रामलीला ग्राउंड को घेर लिया। पुलिस ने पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी। पुलिसकर्मियों के जमावड़े को देखकर कैंप में अफरातफरी फैल गई। भारी पुलिस बल समर्थकों को धकेलते हुए धीरे-धीरे रामदेव की तरफ बढ़ने लगी। पुलिस ने कैंप का माइक सिस्टम उखाड़कर फेंक दिया। 

मंच से कूद गए बाबा 
पुलिस को अपनी तरफ बढ़ता देख बाबा मंच से समर्थकों के बीच में कूद गए। समर्थकों ने पुलिस को रोकते हुए बाबा के चारों तरफ घेरा बना लिया। कुछ देर बाद समर्थकों ने बाबा रामदेव को कंधे पर उठा लिया। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस उन्हें मंच के पीछे से उठाकर ले जाना चाहती थी। 

बाबा की ढाल बने समर्थक 
इस बीच पुलिस ने पुरुष समर्थकों को पीछे खदेड़ा, तो महिलाओं ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया। इसके बाद बाबा पुलिस को छकाते हुए फिर मंच तक पहुंच गए। वहां समर्थकों ने बाबा को अपने भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद बाबा रामदेव को मंच के पीछे ले जाया गया। इस पूरी भगदड़ में बाबा के पीए अजय आर्या की टांग टूट गई। 

पत्थरबाजी और आंसू गैस के गोले 
तभी बाबा की तरफ बढ़ती पुलिस पर समर्थकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। पूरे रामलीला ग्राउंड और मंच को खाली करा दिया। इस दौरान मंच पर एक आंसू गैस का गोला गिरने से आग लग गई, जिस पर बाद में काबू पा लिया गया। 

बाबा को हिरासत में लिया 
समर्थकों के तितर-बितर होने पर पुलिस ने बाबा रामदेव को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने कहा कि बाबा के सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। सुबह बाबा को दिल्ली की सीमा से बाहर छोड़ दिया गया। 

मुझे चोरों की तरह गिरफ्तार न करें 
समर्थकों से घिरे बाबा ने इस कार्रवाई के बीच एक टीवी चैनल से कहा, ‘ पुलिस ने हम पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया। बहनों को घसीटा गया...यह आजाद भारत का सबसे बड़ा जुल्म है... ऐसा अंग्रेजों ने भी नहीं किया... निहत्थे लोगों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया...यह कैसा लोकतंत्र है ?... हमने कोई अधर्म और पाप नहीं किया है... मैं पीएम से अनुरोध करता हूं कि वॉरंट निकालकर उन्हें दिन में गिरफ्तार करें। रात में ऐसे चोरों की तरह गिरफ्तार करने की हिम्मत न करें। 

गिरफ्तारी से पहले भेजी दूसरी चिट्ठी 
इससे पहले सरकार ने शनिवार रात बाबा रामदेव को दूसरी चिट्ठी भेजी। इसमें ब्लैक मनी पर कानून बनाने तथा उसे राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने का लिखित आश्वासन था। इसके लिए एक समिति गठित की जाएगी। उधर बाबा रामदेव ने कपिल सिब्बल के बयान के बाद सरकार पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। बाबा ने कहा कि वह अपना आंदोलन और तेज करेंगे और पीएम के सिवा अब किसी से बात नहीं की जाएगी।

ARABPATI BABA RAMDEV KA FANDA


बाबा रामदेव का फंडा : एक साईकिल सवार का अरबों का सफ़र

योग गुरु बाबा रामदेव कभी हरिद्वार में साइकिल से चलते थे, लेकिन आज उनके ट्रस्ट के पास अरबों की संपत्ति है। 



RAJESH MISHRA, KOLKATA.W.B
बाबा रामदेव हरिद्वार में गुरु शंकर देव के शिष्य थे लेकिन गुरु शंकर देव का अब कुछ पता नहीं है। आज बाबा रामदेव के सबसे विश्वस्त साथी बालकिशन महाराज हैं। बाबा के पीछे रहने वाले बालकिशन महाराज ने बाबा के आयुर्वेद का साम्राज्य खड़ा किया हैं। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबा हठ योगी ने हाल ही में बाबा रामदेव पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि एक दशक पहले रामदेव साइकिल पर चलते थे और उनके पास इतना पैसा भी नहीं रहता था कि वे साइकिल का पंचर बनवा सकें। लेकिन आज वे हेलीकॉप्टर में चलते हैं। इसलिए हम उनकी संपत्ति की जांच की मांग करते हैं।


करोड़ों की संपत्ति है बाबा रामदेव के पास


बाबा रामदेव के आश्रमों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हरिद्वार से दस किलोमीटर की दूरी पर मौजूद आश्रम के 
अलावा हरियाणा में अरावली की पहाड़ियों के नजदीक और स्कॉटलैंड में रामदेव के आश्रम बन चुके हैं। उनका ट्रस्ट दुनियाभर में दवाइयां और 'स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाले' कई उत्पाद बेचता है। बाबा रामदेव ने कहा था कि वह आयुर्वेद और योग का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनाना चाहते हैं जहां इलाज, शोध और अध्यापन किया जाए। बाबा रामदेव ने स्कॉटलैंड में बीस लाख पाउंड स्टर्लिंग में एक टापू खरीदा है। कुंब्रे द्वीप विदेशों में उनके मुख्य केंद्र के तौर पर काम करेगा। इस द्वीप का अधिग्रहण भारतीय मूल के स्कॉटिश दंपती सैम और सुनीता पोद्दार ने सितंबर, 2009 में किया था। इस द्वीप का कामकाज रामदेव के पतंजलि योगपीठ (यूके) ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

बाबा ने 21वीं सदी में देश में योग को नई पहचान दिलाई और घर घर में लोकप्रिय बनाया।टीवी के विभिन्न चैनलों ने उनकी लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्ता के गलियारों में पैठ रखने वाले बड़े लोग उनके संपर्क में आए। इसी दौरान बाबा रामदेव ने योग के लिए पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट बनाया तथा भारत स्वाभिमान के नाम से आंदोलन की शुरुआत की। इसके बाद से बाबा की लोकप्रियता और उनके ट्रस्ट की संपत्ति दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती ही जा रही है।

जागो जनता जनार्दन

किसानों का, मजदूरों का
महंगाई से पिसते मजबूरों का
संतों का, महात्माओं का, 
पगडण्डी पर पड़े गावों का
देश भारतवर्ष
कैसे मनाएं हर्ष...?
जब देश की दौलत
नेता की बदौलत
देश की सीमा से परे
स्विस बैंक की तिजोरी भरे
जब भारत के गरीब लोग
भूख से तड़पकर मरे
तब हाथ पर हाथ धरे
जो खामोश रहने का कुकर्म करे
गलत को गलत बताने में
जिनकी जिह्वा  को
मार जाये लकवा
तो सुनो बचुवा
ऐसा जीना भी कोई जीना है...?
न भुज बल है न सीना है
बिल में घुसे चूहे
परिवर्तन का शंखनाद नहीं करते
जो सच के हिमायती हैं
वो कष्टों से नहीं डरते
तो बहुत हो चुका
बर्दाश्त की सीमा से बहार आओ
जिन्होंने खून चूसा है
उनका खून चूसकर दिखाओ
अभी असली आज़ादी नहीं आई है
न तेल, न धनिया, न जीरा, न राई है
किचन के कनस्तर खाली हैं
कलाली पर भीड़ है, मवाली हैं
देश को दारू के दरिया में
मत बहने दो
कलमकार को अपनी वाणी 
कहने दो
समाज को नोचने वाले गिद्धों के 
पर काट दो
जागो जनता जनार्दन
कैक्टसों को छांट दो
क्योंकि....
जिस नस्ल को मिटने का
एहसास नहीं होता
इतिहास नहीं होता.
ममता दीदी को मजबूत बनाओ
बंगाल को बर्बाद होने से बचाओ.
(मुख्य कविता राजीवजी का और संक्षिप्त जोड़ राजेश मिश्रा का)