तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे भाषा के विशेषज्ञ पढ़कर कहें कि ये कलम का छोटा सिपाही ऐसा है तो भीष्म साहनी, प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', हरिवंश राय बच्चन, फणीश्वर नाथ रेणु आदि कैसे रहे होंगे... गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.

LATEST:


Online Magzine लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Online Magzine लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

पत्र-पत्रिकाएँ

ऑनलाइन पत्रिकाएँ -1
लघु पत्रिकाएँ-2
लघु पत्रिकाएँ -3
आलोचना 
संबोधन 
चम्पक 
पांडुलिपी 
चंदामामा 
पहल 
प्रतिश्रुति
विपाशा
जलसा 
साक्षात्कार 
कुरजां
समकालीन 
कहानीकार
 'सारिका'
'संचेतना'  
'लघु आघात'
 'नीहारिका'
'कथाक्रम'
'वीणा'
'सम्‍वेत'
'प्रगतिशील समाज'
 'कथा-विम्‍ब' 
'रंग पर्व लहर'
 'परिभाषा'
'युगदाह'
'भाषा'
'कुरूशंख'
 'अनुवाद'
'पुनःश्‍च'
'साक्षात्‍कार'
'उन्‍नयन'
 'पूर्वग्रह'
'काव्‍यभाषा'
'दस्‍तावेज'
'जनाधार'

'इन्‍द्रप्रस्‍थ'
'गगनांचल
रचनाक्रम 
विपाशा 
कल के लिये
शेष
अलाव
सहित